बॉर्डर पर जबरदस्त खतरे का सामना कर रहा है भारत, सेना प्रमुख रावत ने किया अलर्ट

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सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने हालांकि चीन से लगती भारत की करीब चार हजार किलोमीटर लंबी सीमा और जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर स्थिति के बारे में उल्लेख नहीं किया.

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि भारत अपनी सीमाओं पर जटिल एवं विविध सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है जो देश की क्षेत्रीय अखंडता और आंतरिक स्थिरता के लिए खतरा हैं. रावत ने सैन्यकर्मियों को नए साल के संदेश में सीमाओं पर चुनौतियों से निपटने और आतंकवाद के खतरे से लड़ने में सैनिकों के सामूहिक साहस, प्रतिबद्धता और बलिदान की प्रशंसा की. उन्होंने कहा, ‘हम अपनी सीमाओं पर जटिल और विविध सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहे हैं जिससे हमारे देश की क्षेत्रीय अखंडता और आंतरिक स्थिरता को खतरा है.’

रावत ने हालांकि चीन से लगती भारत की करीब चार हजार किलोमीटर लंबी सीमा और जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर स्थिति के बारे में उल्लेख नहीं किया. जनरल ने कहा, ‘क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करने का हमारा अटल संकल्प हमारे सैनिकों के सामूहिक साहस, प्रतिबद्धता और बलिदान से साबित हुआ है, जिन्होंने अत्यंत चुनौतीपूर्ण, प्रतिकूल और अत्यंत विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदरी निभाई है.’

भारतीय सेना घुसपैठ के प्रयासों और जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना की ओर से होने वाली अकारण गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब देती रही है. पिछले साल डोकलाम घटनाक्रम के बाद भारतीय सेना ने चीन से लगती सीमा पर कई महत्वपूर्ण सेक्टरों में अपनी निगरानी बढ़ाई है.

सेना प्रमुख ने कहा, ‘अपनी सीमाओं की रक्षा करते समय और आतंकवाद तथा विद्रोह से लड़ते सभी रैंकों ने उच्चतम स्तर की भावना और प्रतिबद्धता दिखाई है.’ उन्होंने सैन्यकर्मियों से देश के समक्ष खड़ी सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए अत्यधिक जोश के साथ काम करने की भी अपील की. जनरल रावत ने भारतीय सेना को विश्व की सर्वाधिक अनुशासित और पेशेवर सेनाओं में से एक करार दिया और कहा कि सेना को इस गौरव को गरिमा और सम्मान के साथ संरक्षित रखना चाहिए.

नववर्ष पर भारत व चीन की सेनाओं की नाथूला में बैठक
भारत और चीन की सेनाओं ने मंगलवार को सिक्किम के नाथू ला में बैठक की और नववर्ष के मौके पर एक दूसरे को बधाई दी. सेना की पूर्वी कमान ने एक ट्वीट में कहा कि भारतीय सेना और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवानों के बीच आपसी विश्वास और भरोसा बढ़ाने के लिए उन्होंने एक जनवरी को नाथू ला में संयुक्त रूप से नववर्ष मनाया.

उन्होंने एक-दूसरे को बधाई और शुभकामनाएं दी. प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर्नल स्तर के अधिकारियों ने किया. उल्लेखनीय है कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच 2017 में डोकलाम में गतिरोध पैदा हुआ था. पूर्वी लद्दाख के दौलत बेग ओल्डी-टीडब्ल्यूडी और चुशूल-मोलदो में भी दोनों देशों के सैनिकों ने नववर्ष मनाया.

Sources:-Zee News

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